By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Satyoday Samachar
Menu
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • बलौदाबाजार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • सारंगढ़
  • भटगाँव
  • बिलाईगढ़
  • भारत
  • राजनीति
  • विश्व
  • मनोरंजन
Font ResizerAa
Satyoday SamacharSatyoday Samachar
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • भटगाँव
  • बिलाईगढ़
  • भारत
  • राजनीति
  • विश्व
  • मनोरंजन
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • बलौदाबाजार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • सारंगढ़
  • भटगाँव
  • बिलाईगढ़
  • भारत
  • राजनीति
  • विश्व
  • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Satyoday Samachar > Blog > Blog > सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला; पुलिस, ED, CBI समेत तमाम एजेंसियों को अब गिरफ्तारी से पहले लिखित कारण देना अनिवार्य
Blogछत्तीसगढ़देश

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला; पुलिस, ED, CBI समेत तमाम एजेंसियों को अब गिरफ्तारी से पहले लिखित कारण देना अनिवार्य

Satyoday Samachar
Last updated: November 8, 2025 9:44 am
By
Satyoday Samachar
4 Min Read
Share
SHARE

सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए कहा कि अब किसी भी नागरिक की गिरफ्तारी से पहले पुलिस, ED, CBI या कोई भी जांच एजेंसी आरोपी को लिखित रूप से गिरफ्तारी का कारण बताएगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी मनमाने ढंग से नहीं हो सकती, बल्कि उसके पीछे ठोस, स्पष्ट और कानूनी आधार होना जरूरी है। अदालत ने कहा कि गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति को यह जानने का संवैधानिक अधिकार है कि उसे किस मामले में और किस धारा के तहत गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही एजेंसी को गिरफ्तारी के समय लिखित नोटिस/गिरफ्तारी मेमो देना अनिवार्य होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पुलिस, ईडी, सीबीआई सहित सभी जांच एजेंसियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने से पहले या गिरफ्तार करने के तुरंत बाद, उसे उसकी समझ में आने वाली भाषा में लिखित रूप से गिरफ्तारी का कारण बताना अनिवार्य होगा। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि यदि गिरफ्तारी की वजह आरोपी को उसकी भाषा में लिखित रूप से नहीं बताई गई, तो ऐसी गिरफ्तारी और उसके बाद की रिमांड दोनों को अवैध माना जाएगा।

बता दें कि यह फैसला जुलाई 2024 में मुंबई में हुए बहुचर्चित बीएमडब्ल्यू हिट-एंड-रन केस से जुड़े ‘मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र सरकार’ मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने इस मामले में सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि गिरफ्तार व्यक्ति को उसकी गिरफ्तारी से पहले या तुरंत बाद उसकी समझ में आने वाली भाषा में लिखित रूप से गिरफ्तारी का कारण बताना आवश्यक है।

इस फैसले में न्यायमूर्ति मसीह ने 52 पन्नों का विस्तृत निर्णय लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता की मौलिक सुरक्षा है।अदालत ने यह भी कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को कारणों की जानकारी ‘यथाशीघ्र’ दी जानी चाहिए, ताकि आरोपी को अपने अधिकारों और कानूनी स्थिति का स्पष्ट ज्ञान हो सके।

अदालत ने अपने फैसले में निम्न प्रमुख बिंदु निर्धारित किए हैं

गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधार बताना संविधान का आदेश है, और यह किसी भी परिस्थिति में टाला नहीं जा सकता।

गिरफ्तारी का कारण लिखित रूप में दिया जाना अनिवार्य होगा, और वह भाषा वही होनी चाहिए जिसे आरोपी समझ सके।

यदि गिरफ्तारी के समय अधिकारी तत्काल लिखित कारण देने में असमर्थ हो,

तो पहले मौखिक रूप से कारण बताए जाएं, और

बाद में लिखित नोटिस, रिमांड के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किए जाने से कम से कम दो घंटे पहले, आरोपी को सौंपा जाना चाहिए।

यदि गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में नहीं बताए गए, तो

गिरफ्तारी और उसके बाद की रिमांड दोनों को अवैध माना जाएगा, और आरोपी को रिहा होने का अधिकार होगा।

देशभर में लागू होगा आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस आदेश की प्रति देश के सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, तथा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजी जाएगी। इससे सुनिश्चित होगा कि यह फैसला पूरे भारत में तुरंत प्रभाव से लागू हो।

 

रविवार 7 दिसंबर को होगा उल्लास परीक्षा का आयोजन
CG Vidhansabha Winter Session : शीतकालीन सत्र का आज पहला दिन, ‘विजन 2047’ पर होगी चर्चा, कांग्रेस ने किया कार्यवाही का बहिष्कार…
भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला: 324 करोड़ के घोटाले में डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे निलंबित
छत्तीसगढ़ में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की तिथि बढ़ी, अब 30 अप्रैल तक मिलेगा मौका
भूपेश बघेल ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को बताया ढाेंगी, कहा – बाबा चंदा लेना बंद करें…
Share This Article
Facebook Email Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article छात्राओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न केस में बड़ा अपडेट: चैतन्यानंद ने वापस ली जमानत याचिका, बताई ये वजह
Next Article *पारंपरिक खेती के साथ साथ वैज्ञानिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे शिव प्रसाद*

Stay Connected

FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Latest News

भारत सरकार के दबाव में Elon Musk के X ने लिया बड़ा फैसला: हटाए गए 600 अकाउंट, 3500 पोस्ट ब्लॉक
Blog देश विश्व
AAP की आज से छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा होगी शुरू, 20 हजार से अधिक गांवों तक पहुंच बनाने का है लक्ष्य
Blog छत्तीसगढ़ रायपुर
CG News : वीबी जी राम जी पर आज भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला, सम्मेलनों की रूपरेखा होगी तय
Blog छत्तीसगढ़ रायपुर
राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी: हरियाणा के रोवर-रेंजरों ने आत्मविश्वास, संतुलन और टीम वर्क का दिया परिचय
Blog छत्तीसगढ़ देश

About Us

सत्योदय समाचार – छत्तीसगढ़ का विश्वसनीय ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल। हम प्रतिबद्ध हैं कि आपको स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ताजा और सटीक खबरें प्रदान करें। डॉ. निधि वैष्णव के नेतृत्व और संपादकीय टीम की निष्पक्ष पत्रकारिता हमारी प्राथमिकता है।

Contact Us

डॉ. निधि वैष्णव
प्रधान संपादक
मोबाइल: 7879981931
ईमेल: samacharsatyoday@gmail.com
पता: भटगांव, ब्लॉक बिलाईगढ़, जिला – सारंगढ़ बिलाईगढ़, छ.ग. 493222

Important Page

Menu
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions

© 2025 सत्योदय समाचार. Nimble Technology Design Company. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?