बिलासपुर। शहर के ऐतिहासिक रामसेतु पुल का सुंदरीकरण कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है। राज्य शासन से वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट पर 2.63 करोड़ रुपये की लागत से काम किया जाएगा।
इस विकास कार्य के लिए विधायक अमर अग्रवाल और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की अहम भूमिका रही। नगर निगम के पार्षद विजय ताम्रकार ने बताया कि शहर के सबसे पुराने और ऐतिहासिक सरकंडा पुल का नाम भगवान श्रीराम की अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में ‘रामसेतु’ रख दिया गया है
नगर निगम ने इस पुल का नामकरण कर इसे एक नया धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान दी है। नामकरण की घोषणा विधायक अमर अग्रवाल ने पहले ही कर दी थी। नगर निगम ने पुल के सुंदरीकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे।
इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई थी। अब रामसेतु के सुंदरीकरण के लिए 2.63 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिल गई है।
धार्मिक भावना का सम्मान
निगम का यह निर्णय शहरवासियों की धार्मिक भावनाओं को सम्मान देने वाला है। इसके साथ-साथ पुल को एक आकर्षक और सांस्कृतिक स्थल में बदलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। रामसेतु पुल के विकास से शहर के सांस्कृतिक और धार्मिक परिवेश को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
पुल के सुंदरीकरण के प्रस्तावित कार्य
| प्रवेश द्वार (दो) | 48.49 लाख रुपये |
| प्रतिमा/मूर्तियां | 41.60 लाख रुपये |
| सूचना बोर्ड और प्रकाश व्यवस्था | 28.43 लाख रुपये |
| खंभों पर पैनल | 7.58 लाख रुपये |
| फ्लोर पेंटिंग | 6.61 लाख रुपये |
| सजावटी लाइटें | 59.75 लाख रुपये |
| पेंटिंग | 10.12 लाख रुपये |
| एमएस शीट साइड वाल पर लेजर कटिंग | 33.28 लाख रुपये |
| सूर्य स्तंभ | 19.20 लाख रुपये |
| कुल लागत | 2.55 करोड़ रुपये |
| शुल्क | 8.05 लाख रुपये |
| कुल अनुमानित लागत | 2.63 करोड़ रुपये |
सांस्कृतिक आयोजन बनेगा परंपरा- पार्षद विजय ताम्रकार
पार्षद विजय ताम्रकार ने बताया कि 22 जनवरी को आयोजित सजावट के विशेष कार्यक्रम में रामायण के सुंदर दोहे, चौपाइयां और हनुमान चालीसा के दोहे अंकित किए गए हैं।
यह आयोजन श्रीरामलला की अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के क दिन से जोड़ा गया। इस दिन को यादगार बनाने के लिए पिछले साल की भांति भोग वितरण और सुंदरकांड पाठ आयोजित की जाएगी।
