Indian Airspace Open For Pakistan Flight: भारत ने अपना एयरस्पेस पाकिस्तान के विमान के लिए खोला है। इस वर्ष मई महीने में हुए पहलगाम आतंकी हमले के 7 महीने बाद भारत ने पाकिस्तान को अपना एयरस्पेस इस्तेमाल करने की इजाजत दी है। भारतीय अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान ने 1 दिसंबर को दोपहर करीब एक बजे भारत से अपने विमान को हवाई क्षेत्र से गुजरने की इजाजत मांगी थी। भारत ने उसी दिन शाम साढ़े पांच बजे मंज़ूरी दे दी थी। दरअसल भारत ने ये कदम श्रीलंका में आए दित्वा चक्रवात से हुई हानि के बाद मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए खोला था।
दरअसल कुछ पाकिस्तानी चैनलों ने दावा किया था कि भारत ने उड़ान के लिए ओवरफ्लाइट क्लीयरेंस नहीं दी। इन रिपोर्ट्स पर भारत ने कड़ा रुख दिखाते हुए कहा कि न केवल इजाजत दी गई, बल्कि इतनी तेजी से दी गई कि यह मानवीय कार्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. इस स्पष्टीकरण के बाद ऑनलाइन चल रही सभी अफवाह गलत साबित हो गई हैं।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार भारत ने बाढ़ प्रभावित श्रीलंका जा रही पाकिस्तान की मानवीय सहायता फ़्लाइट को तेजी दिखाते हुए ओवरफ़्लाइट क्लियरेंस दे दिया है। हालांकि यहां भी पाकिस्तानी मीडिया ने अपनी आदत के मुताबिक भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करना चाहा। पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया था कि नई दिल्ली ने अपने एयरस्पेस में पाकिस्तानी विमानों को आने से मना कर दिया था। भारत के अधिकारियों ने कहा कि रिक्वेस्ट कुछ ही घंटों में प्रोसेस कर दी गई क्योंकि इसमें जरूरी राहत ऑपरेशन शामिल थे।
भारत का श्रीलंका में ‘सागर बंधु’ मिशन
बता दें कि चक्रवात दित्वा के श्रीलंका में बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से बात कर दुख और संवेदना जताई है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत श्रीलंका की मदद को आगे भी जारी रखेगा। ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत भारतीय नौसेना और बचाव दलों को राहत सामग्री के साथ भेजा गया है। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने भारत की त्वरित सहायता के लिए गहरी सराहना जताई और कहा कि संकट के समय भारत हमेशा साथ खड़ा रहता है।
श्रीलंका में चक्रवात दित्वा से भारी तबाही
श्रीलंका फिलहाल चक्रवात दित्वा की मार झेल रहा है. प्राकृतिक आपदा ने देश में गहरी तबाही मचाई है। सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। वहां राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है, जिससे राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा सकें। ऐसी परिस्थिति में भारत लगातार श्रीलंका की हर संभव मदद कर रहा है।
