सुपर वीजा से लोग लंबे समय तक अपने माता पिता और दादा दादी से मिल सकते हैं। यह पांच साल तक की यात्रा की अनुमति देता है और दो साल की वृद्धि की जा सकती है। ये तब हुआ है जब कनाडा ने परमानेंट रेजिडेंट की संख्या में कटौती की है।
हाइलाइट्स
- कनाडा में लोग सुपर वीजा की ओर आकर्षित हुए हैं
- परमानेंट रेजीडेंसी मुश्किल होने से ढूंढ रहे विकल्प
- सुपर वीजा से माता-पिता 5 साल तक रह सकते हैं
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सुपर वीजा एक मल्टीपल-एंट्री वीजा है। इससे माता-पिता और दादा-दादी लंबे समय तक कनाडा में रह सकते हैं, जो कनाडा सिटिजन के रिश्तेदार हैं। हालांकि कनाडा के वीजा नियमों में बदलाव की वजह से लोगों में चिंता भी हैं। आगे चलकर सुपर वीजा के भी बंद होने का अंदेशा लोगों के मन में है। वीजा प्रोसेसिंग में लगने वाला समय और पाबंदियां भी लोगों को परेशान कर रही हैं।
कनाडा ने बदले वीजा नियम
कनाडा ने हाल ही में अपने वीजा नियमों में बदलाव किया है। पहले 10 साल का मल्टीपल-एंट्री वीजा मिलना आम बात थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुपर वीजा के लिए योग्य माता-पिता या दादा-दादी घबरा रहे हैं। हाल ही में हुए बदलावों के कारण उन्हें डर है कि कनाडा भविष्य में यह सुविधा बंद कर सकता है। माता-पिता और दादा-दादी के लिए PR और सुपर वीजा में काफी अंतर है। इससे रहने की अवधि और मिलने वाले फायदों में भी अंतर होता है।
कनाडा के इमिग्रेशन एक्सपर्ट गुरप्रीत सिंह ने बताया, ‘सुपर वीजा से माता-पिता और दादा-दादी एक बार में पांच साल तक कनाडा में रह सकते हैं। चाहें तो दो साल का एक्सटेंशन भी ले सकते हैं। दूसरी ओर PR मिलने पर अनिश्चितकाल तक कनाडा में रह सकते हैं। सिंह के मुताबिक, सुपर वीजा वालों को PR वालों जैसे फायदे नहीं मिलते। PR वालों को कनाडा के पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम का पूरा फायदा मिलता है।
सुपर वीजा के लिए आवेदक कनाडा के सिटिजन या PR होल्डर का माता-पिता या दादा-दादी होना चाहिए। स्टूडेंट्स अपने माता-पिता या दादा-दादी को सुपर वीजा के लिए स्पॉन्सर नहीं कर सकते। स्पॉन्सर को एक इन्विटेशन लेटर देना होगा। इसमें रिश्ते का सबूत, आर्थिक मदद का सबूत और विज़िटर के रहने का प्लान होना चाहिए। स्पॉन्सर को LICO की शर्त भी पूरी करनी होगी।
